पठानकोट हमला- आंतकियों को मात देने के लिए पहली बार ....

 पठानकोट- में वायुसेना अड्डे पर हमला करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में एमआई-35 लड़ाकू हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। यह पहला मौका है जब देश में किसी आतंकवाद विरोधी अभियान में इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक एमआई-35 हेलीकॉप्टर से आतंकवादियों को निशाना बनाया गया। हालांकि वायुसेना के सूत्रों ने न तो इसकी पुष्टि की और न ही खंडन किया। उनका कहना था कि संभवत यह पहला मौका है जब इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल आतंकवादियों की टोह जानने के लिए किया गया है। पठानकोट में जिस एयरबेस पर आतंकवादियों ने हमला किया वहां एमआई-21 बाइसन लड़ाकू विमानों के अलावा एमआई-25 और एमआई-35 हेलीकॉप्टरों को रखा जाता है। यह एयरबेस पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने के कारण पश्चिमी कमान का एक बेहद अहम वायु अड्डा माना जाता है।  रूस से हासिल एमआई-35 हेलीकॉप्टरों का कुछ साल पहले अपग्रेडेशन किया गया था और वे रात के समय भी दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने में सक्षम हैं। इन पर अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के अलावा इजरायल में विकसित नाइट विजन सिस्टम और एवियोनिक्स लगाए गए हैं। भारतीय वायुसेना में पहले लड़ाकू हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन का गठन एक नवंबर 1983 को किया गया था और उसे एमआई-25 हेलीकॉप्टर दिए गए थे। एमआई-35 हेलीकॉप्टर अप्रैल 1990 में वायुसेना में शामिल किए गए थे। सरकार की योजना अब अमेरिका से अत्याधुनिक लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे हासिल करने की है जिससे वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।वीडियो देखने के लिए ऊपर या नीचे लिंक पर क्लिक करें

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